मिशन मजीठिया/भाग एक-दैनिक जागरण में बंपर वैकेंसी का राज

नई  दिल्‍ली।

दैनिक जागरण में अचानक बंपर वैकेंसी आई है, यह कदाचित आपको पता हो लेकिन शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि जिस दैनिक जागरण ने ओवर स्‍टाफ की बात कहकर पिछले वर्ष सैकड़ों लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया उसी दैनिक जागरण को अचानक बंपर स्‍टाफ की जरूरत कैसे आन पड़ी। संस्‍थान के एक भरोसेमंद सूत्र ने बताया कि मजीठिया अवमानना का फैसला आने से उत्‍पन्‍न संकट से निपटने की तैयारी जागरण प्रबंधन अभी से कर रहा है। उसके तहत नए लोगों की भर्ती 15 हजार रुपये प्रति माह पगार के आधार पर की जाएगी। जो लोग ज्‍यादा बार्गेनिंग करेंगे उन्‍हें झूठे वादे के तहत पहले फंसा लिया जाएगा और उनके साथ मनमानी बाद में की जाएगी।

इस बात पर भरोसा करने का आधार यह है कि जागरण कभी अपने पास से कुछ नहीं देता। प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए पैसा वह अपने कर्मचारियों की सैलरी काट कर जुटाता है और पीएम मोदी के बगल में उपस्थित होकर फोटू खिंचवा लेता है। उसके जरिये कर्मचारियों पर इस बात का दबाव बनाता है कि जब देश का पीएम ही उसके साथ खड़ा है तो सुप्रीम कोर्ट में उसका कुछ भी नहीं बिगड़ सकता। खैर, जागरण के बारे में यह जगजाहिर है कि वह कभी अपने पास से कुछ खर्च नहीं करता। उसे यह पता है कि मजीठिया अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट उसकी खाल खींचने वाला है तो उसने नई भर्ती का फार्मूला निकाला है। पुराने कर्मचारियों को तो उसे मजीठिया वेजबोर्ड के अनुसार एरियर अथवा बकाया देना ही होगा जिसमें उसे करोड़ों का चूना लगना तय है। इन करोड़ों रुपयों का खर्च वह 15 हजार रुपये प्रति माह पगार वाले नई भर्ती कर्मचारियों से निकालेगा।

दैनिक जागरण की इस तैयारी से एक बात तय है कि इस समय कार्यरत पुराने कर्मचारियों को अपनी नौकरी बिना किसी गलती के गंवानी होगी। अब यह उन कर्मचारियों को ही तय करना होगा कि वे लड़कर मरते हैं या मरने के बाद लड़ाई की तैयारी करते हैं। लेकिन दैनिक जागरण को भी यह नहीं भूलना चाहिए कि नई भर्ती के जरिये वह मजीठिया से फुर्सत नहीं पा सकता। मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार ठेका कर्मचारियों को भी मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों के तहत वेतन देना होगा। नौकरी की गर्ज से आए नए लोग भले ही मजीठिया न मांगें, लेकिन ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो उसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्‍लंघन करने के जुर्म में याचिका के जरिये सुप्रीम कोर्ट घसीट ले जाएंगे।